Posts filed under ‘shayri e dost’

A dedication to a Friend :)

जो सजाये है मोहब्बत के आशियाने
वोह सीने में एक बड़ा दिल सजाये रखते है
कहते कुछ नही कभी जुबान से मगर
सब के लिए दिल के दरवाजे खुले रखते है

औरो की खुशी के लिए छुपा लेते सचाई
और दुश्मनो को भी माफ़ किया करते है
दिखता है खुली आँखों से वोह भी सब
पर औरो को हसी दे खुदको जलाया करते है

अब तो बन गए है वोह मेरी प्रेरणा
मुझे अक्सर मेरी पहचान कराया करते है
सादगी है उनकी आँखों में, उनकी बातो मा
जाने अनजाने मुझे अक्सर रुजाया करते है

कैसे करू मैं शुकर ऐ गुजार उनका
वोह हर मजिल मेरा साथ निभाया करते है
ख़बर नही है उनको की हम उनके कायल है
वोह मुझसे ख्वाबो में मिलने आया करते है

हम तो बाला दोस्ती के काबिल नही उनके “दिव्या”
वोह थो ख़ुद हसकर , मुझे हँसाया करते है

Divya

Advertisements

November 2, 2009 at 9:05 am 2 comments


Copy Right Reserved

Page copy protected against web site content infringement by Copyscape

MyFreeCopyright.com Registered & Protected

Blog Stats

  • 40,578 hits
June 2018
M T W T F S S
« Mar    
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
252627282930  

Careerjet – Find jobs

www.careerjet.co.in

Divyakishayari

Error: Twitter did not respond. Please wait a few minutes and refresh this page.